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बदल गया इंसान

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कितना बदल गया इंसान ?
        
                                                    
                            
बेच दिया ईमान
बेच दिया पुश्तैनी मकान
बेच दिया खेत खलिहान
खरीद लिया शहर में मकान
खो दिया स्वाभिमान
आज का इंसान।
- सहज कुमार
2 महीने पहले
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