सूखे नहीं, नदी का पानी
सूखे नहीं, नयनों का पानी
तो बचे बुढ़ापा और जवानी
और बचे बचपन की निशानी
करो पानी
पर निगरानी
कि न प्रदूषित हो पानी
न बेकार बहे पानी।
- सहज कुमार