बिहार में आया बाढ़ का पानी
डूब रही है , देखो राजधानी
इधर पानी,उधर पानी
है सब ईश्वर की मेहरबानी
बच्चे खुश हैं, करें शैतानी
जवानों ने लड़ने की ठानी
बुढ़ों की उतरी जवानी
नेताओं की मेहरबानी
हेलिकॉप्टर में भर रहे उड़ान
सब सोच रहे हैं,कैसे बचे जान?
है हर वर्ष की यही कहानी
नेता, और अधिकारी
लुटने की किए तैयारी
गरीब जनता जाएं कहां?
जीना मुश्किल हुआ यहां।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'