है एक बगावती जिला
कहते जिसको जिला
बलिया, बागी बलिया
जिसके नाम से जग हिला
जिसने तोड़ा अंग्रेजों का किला
सबसे पहले जहां से क्रांति का स्वर उठा
सबसे पहले जहां से आजादी का स्वर उठा
जहां से स्वाभिमानी स्वर उठा
जहां से बलिदानी स्वर उठा
जहां गंगा का मैदान है
लोग जहां जवान हैं
जहां भृगु स्थान है
जहां राजा बलि ने यज्ञ किया
जिसने मंगल पांडे सा वीर दिया
जिसने हजारी प्रसाद सा साहित्यकार दिया
जहां ददरी मेला लगता है
जो बहुत सुंदर लगता है
जहां मिले लिट्टी चोखा
जहां के लोग न दें धोखा
जहां अंबर से ऊंचा स्वाभिमान है
जिस जिले से हिंदुस्तान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'