अंबर को उतार कर
रख दो धरा पर
बड़ा विश्वास रख कर
दिखा दो दुनिया को बदल कर
पर्वतों पर
चढ़ कर
तिरंगा फहरा कर
आओ जाओ धरा पर।
- सहज कुमार