विज्ञापन

आज का इंसान

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज का इंसान
        
                                                    
                            
बन बैठा हैवान
बेच कर ईमान
लेकर इंसान की जान
चल रहा सीना तान
वाह, रे इंसान!
सब देख रहे हैं भगवान
काटेंगे चालान
काटेंगे कान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
7 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10488 कविताएं

View Profile