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देख हमार गांव

Ankit

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गंगा के तीरे तीरे
        
                                                    
                            
आव तनी धीरे धीरे
गंगा के किनारे हमार गांव बा
जहां अमवा अमरूदिया के छांव बा
जहां बरगद, पीपल के छांव बा
अभी गंगा माई आईल बाड़ी
नया माटी लेआईल बाड़ी
अभी चलत नाव बा
प्यार के छांव बा
देख दहार बा
पर प्यार बा
कईसे तू कह तार, गऊंवा में का बा?
हमार गऊंवा में प्यार बा
टूटल पलानी बा
पर प्यार के कहानी बा
प्यार भरल जिंदगानी बा
गऊंवे में जवानी बा
लोगवा बलिदानी बा
तप त्याग के कहानी बा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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