बहार जाती है जाने दो लौट आएगी
जो खुशबू बाग से जाती है कहां जाएगी
हमारे किस्से हमसे दूर कहां जाएंगे
हमारी कोई कहानी तुम्हें बुलाएगी
हमें वफ़ा का भरोसा नहीं रहा अब तो
जफ़ाएं जिंदगी लेकिन नहीं भुलाएगी
हमारे बिन न कोई बात सुनेगा तेरी
हरेक आवाज दीवारों से लौट आएगी
कहां रोती है रात आफ़ताब की खातिर
सितारों की ये रोशनी ही काम आएगी