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बेताबी नहीं आई

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्या बात है नजरों में उदासी नहीं आई
        
                                                    
                            
दिल टूट गया कोई सदा भी नहीं आई
ये सख्तदिली थी या सब्र की थी इम्तिहां
जलवों से उनके कोई बेताबी नहीं आई
आने को आया दिल,मगर हर बार यूं गया
ऐसा नसीब था दिल नवाजी नहीं आई
अफसाना एक ही रहे सुनते तमाम उम्र
हैरत है हमको कभी उबासी नहीं आई
अच्छा हुआ कि हमने इजहार ना किया
ऐसा नहीं गालों पे गुलाबी नहीं आईं
खालिस दिलों की बात, मोहब्बत की बात थी
कोई भी बात इसमें सियासी नहीं आई
वो प्यार भी करते हैं सियासत की तरह से
अपनी समझ में बात जरा भी नहीं आई
2 महीने पहले
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