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दुआएं मेरी

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उजला ख्वाब ,चौंधियां गईं आँखें मेरी
        
                                                    
                            
तेरे ख्यालों से ही रौनक हुईं रातें मेरी
हुजूम गफलतों के इतने मेरे साथ चले
अंधेरों से बहुत धुंधला गईं राहें मेरी
बोझ पलकों पे नहीं था, मेरे दिल में था
तो फिर क्या बात है झुकती हैं निगाहें मेरी
मेरी आवाज क्या इतनी दबी निकलती है
कोई सुनता ही नहीं, इतनी सदाएं मेरी
ये बेरुखी नहीं है कुदरती, दिखावा है
पुकारती नहीं गैरों को वफाएं मेरी
लुटाया मैंने जो कुछ भी,बरस रहा मुझपर
भीगो रही हैं अब मुझको ही दुआएं मेरी
एक दिन पहले
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