फिर कभी तेरा ख्याल आएगा
दूर अब मुझसे कहां रह पाएगा
आसमां पर शौकिया है, वक्ती है
परिंदा आखिर ज़मीं पर आएगा
कभी झपक जाएंगी, नजरें मेरी
कभी ये तारा भी डूब जायेगा
मैं और उदास ,नामुमकिन
खुशी का पैमाना छलक जाएगा
आ जाता है बादल भी लौट कर
मेरे आँगन में बरस जाएगा