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बुरा ख्वाब

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कदम बहके तो बेतरह बहके
        
                                                    
                            
फूल रुसवाइयों के भी महके
हमें उस राह पर जाना नहीं था
हमें मालूम था चलने से पहले
तजुर्बे आने को आए हैं लेकिन
वही बातें रहे अक्सर ही सुनते
हमें मालूम थी सारी हकीकत
लगा रखें थे तुमने लाख परदे
गिरे थे मुद्दतों से भूल जाओ
चले हम देख लो उठके सम्हलके
जरा सी आँच की ख्वाहिश थी मेरी
बचा दामन हमारा जलते जलते
हमें जो ख्वाब आया था बुरा था
खुली जब नींद तो आया समझ में
3 महीने पहले
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