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रब याद आएगा

Anil Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रब याद आएगा
        
                                                    
                            

ज़माना है ये मजमा देखने को दौड़ आएगा
गिरा गर तू कहीं तो तालियाँ दे मुस्कुराएगा।

क़दम अपने सँभाले दीप अपना खुद ही बन प्यारे
तुझे कोई नहीं भूले से रस्ता भी दिखाएगा।

झटक कर हाथ चल देंगे यहाँ मतलब निकलते सब
लहू भर अश्क़ आएँगे तुझे रब याद आएगा।

बिगड़ जाएगा अपना वक़्त अपने ही सताएँगे
न कोई काम आता है न कोई काम आएगा।

भरोसा खुद पे रख हिम्मत से हासिल है अनिल सब कुछ
पलट जाएगा तेरा वक़्त तू भी जगमगाएगा।
-पंडित अनिल
3 महीने पहले
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