विज्ञापन

हाँ में हाँ

Anil Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हाँ में हाँ करते जाएँगे
        
                                                    
                            
तब तो रिश्ते निभ पाएँगे।

वर्ना तो स्थित नहीं है ठीक
बे-मतलब ही पिट जाएँगे।

सोच समझ कर दीप बचाना
हाथ तुम्हारे जल जाएँगे।

इस दुनिया के रंग बहुत हैं
धोके पे धोके खाएँगे।

हम तो लड़के ठहरे पत्थर
हिस्से में ठोकर आएँगे।
-पंडित अनिल
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3563 कविताएं

View Profile