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हमें रखना है आप का मान चाहें कैसे।

Ananya Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब इस school मे आए हम,
        
                                                    
                            
तब था हममें बहुत दम।
तब school ने हमसे खेला खेल,
हमारे emotions का दिखा मेल।
Class 5th तक सब रहा ठीक,
मिलती रही हमको सीख।
Class 8th मे जब पहुँचे हम,
तबसे शुरू हुआ हमारा गम।
पहले हमें डर लगता था नाम से,
फिर हमारी मुलाकात हुई आपसे।
ऐसा डाटती हैं आप,
की सब जाते हैं काप।
आपका और पढ़ाई का ऐसा नाता है,
की सब clear हो जाता है।
School वालों से हैं सब परेशान,
Teachers और students मिलकर करते घमासान।
आप करती हैं इतना काम,
कभी नही लेती आराम।
देती हैं आप हमारा साथ,
जो कि है लाखों मे बात।
आप हमारी teacher हैं चाहें जैसे,
हमें रखना है आप का मान चाहें कैसे।
एक महीने पहले
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