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कोशिश तो कर वल्लभा !

Anand Tewary

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ओ प्राणवल्लभा मेरी प्राणेश्वरी
        
                                                    
                            
क्या कर रही हो ये तुम ?
कभी चूल्हा चौकी,
कभी घर गृहस्थी,
क्या ? यही है तेरी हस्ती ।

माना थोड़ी उलझ चुकी हो ।
अपनों से ही जूझ रही हो ।
अब तो हिम्मत कर ले थोड़ा ।

क्या होगा ? फिर गिर जाओगी ।
कोशिश तो कर वल्लभा,
संभल जाओगी ।
अपनी दुनिया ख़ुद बसा लोगी ।
3 वर्ष पहले
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