दो चार बातों ने हलचल मचा दी थी दिल ने मेरे
तूफ़ान सा उठा था सांसों में , धड़कनों को
बढ़ा दिया था मेरी तुम्हारे एहसासों ने
मगर खबर क्या थी कि ये जो जलजला आया है
आकर मुझे तोड़ जाएगा बिखराकर मेरे ख्वाबों को
महफिल में मुझे फिर से तन्हा छोड़ जाएगा
शिकायत गैरो से क्या करूं , कोई अपना ही
मुझे फिर से अजनबी बना के चला जाएगा !!