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भरोसे पर खरा उतर जाऊँगा

Anamika anant ch Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं बहुत कुछ नहीं, पर थोड़ा तो कर पाऊँगा,
        
                                                    
                            
विश्वास करो, भरोसे पर खरा उतर जाऊँगा।

प्रेमी चाँद-तारे लाने की बातें करते हैं,
मैं तो प्यार और साथ निभाने का वचन निभाऊँगा।
महलों का सपना भले ही न सजा पाऊँगा,
धूप-तूफ़ानों से बचाने को छोटा-सा घर बनाऊँगा।

मैं बहुत कुछ नहीं, पर थोड़ा तो कर पाऊँगा,
विश्वास करो, भरोसे पर खरा उतर जाऊँगा।

लाखों न कमा पाऊँ, लाखों खुशियाँ लाऊँगा,
तेरे सूने जीवन में खुशियों के फूल खिलाऊँगा।
तुझे बाँधकर अपने बंधन में कभी न रख पाऊँगा,
तेरी स्वतंत्रता का मान रख, संग चलना निभाऊँगा।

मैं बहुत कुछ नहीं, पर थोड़ा तो कर पाऊँगा,
विश्वास करो, भरोसे पर खरा उतर जाऊँगा।

जीवनभर का साथ निभाने का वचन निभाऊँगा,
बातों से नहीं, अपने कर्मों से करके दिखाऊँगा।
बिन कहे तेरी तकलीफ़ों को समझने का प्रयास करूँगा,
आँखें नम होने से पहले, तेरे होंठों की मुस्कान बनूँगा।

ग़लत राह पर चलोगी तो प्यार से समझाऊँगा,
तेरी हर मुश्किल में तेरा हाथ बँटाऊँगा।
तेरी कमियों को नहीं, तेरी खूबियों को अपनाऊँगा,
जीवन के हर मोड़ पर तेरा साथ निभाऊँगा।

मैं बहुत कुछ नहीं, पर थोड़ा तो कर पाऊँगा,
विश्वास करो, भरोसे पर खरा उतर जाऊँगा।

जब भी कभी हताश होगी, आशा का दीप जलाऊँगा,
तेरे हर दुख में सहभागी बन, तेरा दर्द घटाऊँगा।
तेरे ज़ख़्मों पर मरहम बनकर प्यार से सहलाऊँगा,
रूठोगी जब मुझसे, प्यार से तुझे मनाऊँगा।

न बड़े-बड़े वादे करके तुझे कभी बहलाऊँगा,
छोटी-छोटी खुशियों से जीवन तेरा सजाऊँगा।
सुख हो या दुख, हर पल तेरा साथ निभाऊँगा,
विश्वास करो, मैं अपना वचन निभाऊँगा।

मैं बहुत कुछ नहीं, पर थोड़ा तो कर पाऊँगा,
विश्वास करो, भरोसे पर खरा उतर जाऊँगा।
2 घंटे पहले
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