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समंदर भी उम्मीद का परवाज़ देता है मुझे,

Amit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समंदर भी उम्मीद का परवाज़ देता है मुझे,
        
                                                    
                            
हर लहर एक नया आगाज़ देता है मुझे।

डूबने का डर हो तो किनारे कहाँ मिलते हैं,
तूफ़ान ही तो उड़ने का अंदाज़ देता है मुझे।

रास्ते चाहे कितने ही कठिन क्यों न हों,
मेरा हौसला हर मोड़ पर आवाज़ देता है मुझे।

अँधेरों से कह दो, मैं उजाला बनकर आऊँगा,
हर ज़ख़्म भी जीने का राज़ देता है मुझे।

मैं हारकर भी ख़ुद से हारना नहीं जानता,
मेरा ख़्वाब हर बार परवाज़ देता है मुझे।

— आचार्य अमित
एक महीने पहले
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