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...दुआ तो करो...

Amit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ....दुआ तो करो
        
                                                    
                            

किसी की तक़दीर
यक़ीनन बदल जाएगी,
बस दिल में उम्मीद का
एक दीप जलाकर
हाथ उठाकर दुआ तो करो।

कभी बंद दरवाज़ों के आगे
ठहरकर मायूस मत होना,
कौन जाने…
किसी मोड़ पर
रब ने तुम्हारे लिए
एक नई राह लिखी हो।

जो आज नामुमकिन लगता है,
कल वही हक़ीक़त बन सकता है
बस अपने विश्वास को
टूटने मत देना,
और दिल से
एक बार दुआ तो करो।

क्योंकि दुआ में वो ताक़त है
जो पत्थर में भी
रास्ता बना देती है,
और सच्ची उम्मीद
बदनसीबियों के माथे पर भी
नई तक़दीर लिख देती है।

किसी की तक़दीर
यक़ीनन बदल जाएगी,
बशर्ते…
तुम हाथ उठाकर
सच्चे दिल से
दुआ तो करो।
-आचार्य अमित
एक महीने पहले
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