मैंने कहा, "मेरे अपने,"
उसने कहा, "सिर्फ तुम।"
मैंने कहा, "दिल तो पागल है,"
उसने कहा, "पगला कहीं का!"
मैंने कहा, "फिर कब मिलोगी?"
उसने कहा, "कल, आज और कल।"
मैंने कहा, "किस्मत,"
उसने कहा, "मुकद्दर का सिकंदर।"
उसने कहा, "जंग,"
मैंने कहा, "मेरी जंग?"
मैंने कहा, "कसूर,"
उसने कहा, "आवारा।"
उसने कहा, "जिंदगी एक जुआ है,"
मैने कहा, "बाजीगर।"
उसने कहा, "दीवाना,"
मैंने कहा, "दीवाना मुझ-सा नहीं।"
उसने कहा, "परिचय,"
मैंने कहा, "आज का अर्जुन।"
उसने कहा, "नाम,"
मैंने कहा, "कृष्ण कन्हैया।"
उसने कहा, "हम आपके हैं कौन?"
मैने कहा, "मेरे हमदम मेरे दोस्त।"
उसने कहा, "हम दिल दे चुके सनम।"
मैंने कहा, "मेरे सनम,"
उसने कहा, "कल हो न हो,"
मैंने कहा, "आओ प्यार करें।"
उसने कहा, "जिंदगी न मिलेगी दोबारा,"
मैंने कहा, "जीते हैं शान से।"