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एक दिन भगवान कहीं।

Amit Ji

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            विश्वास जिंदा होता है और टूटता इंसान नहीं,
        
                                                    
                            
गर पत्थर से निकल आता एक दिन भगवान कहीं।

वो भी देख लेता इस दुनिया का छलावा
लुटता है आज उसके नाम का चढावा

काश सारा पाप पुन्य का देख लेता वो बही
सारा फैसला हो जाता स्वर्ग नर्क का यही।
2 घंटे पहले
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