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नीति के दोहे (मुक्तक)

AL Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            डिजिटल भारत है आज ,फिर भी धीमा काम
        
                                                    
                            
चाल वही है पुरानी , शासन हो बदनाम।

मानवता अब मर चुकी , वोट बैंक की बात
राष्ट्र हित पीछे हुआ , हो निज हित की बात।

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6 वर्ष पहले
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