विज्ञापन

नीति के दोहे मुक्तक

AL Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रतिष्ठा
        
                                                    
                            

काम हमेशा कीजिये ,जो नाक ऊंची होय।
अपनी भी इज्जत बढ़े , घर की इज्जत होय।।

भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार रग रग में , फैला चारो ओर।
कौन विधि से देश बढ़े , बढ़े कमीशन खोर।।

--अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर।


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all