आयो वसंत मन मोहैं तितलियां
उड़ती तितलियाँ मटकती तितलियां
पथ पर बल खाती मोहैं तितलियां
बनन में बागन में उड़ती तितलियां
कुंजन में बैठ वे झांकें तितलियां
मन में रस भरती प्यारी तितलियां
लोगों के मन को मोहैं तितलियां
हर कोई चाहे पकड़ूं तितलियां
पकड़ में जब आ जाती तितलियां।
बेरहम दिल मसल देते तितलियां।।
प्यारी तितलियाँ कोमल तितलियां।
मन को झकझोरें प्यारी तितलियां।।
- अशर्फी लाल मिश्र ,
अकबरपुर ,कानपुर।
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