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मन को झकझोरें प्यारी तितलियां

AL Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आयो वसंत मन मोहैं तितलियां
        
                                                    
                            
उड़ती तितलियाँ मटकती तितलियां

पथ पर बल खाती मोहैं तितलियां
बनन में बागन में उड़ती तितलियां

कुंजन में बैठ वे झांकें तितलियां
मन में रस भरती प्यारी तितलियां

लोगों के मन को मोहैं तितलियां
हर कोई चाहे पकड़ूं तितलियां

पकड़ में जब आ जाती तितलियां।
बेरहम दिल मसल देते तितलियां।।

प्यारी तितलियाँ कोमल तितलियां।
मन को झकझोरें प्यारी तितलियां।।

- अशर्फी लाल मिश्र ,
अकबरपुर ,कानपुर।

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6 वर्ष पहले
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