लोकतंत्र है अग्रसर, राष्ट्रवाद की ओर।
जातिवादी राजनीति, होय रही कमजोर।।
--अशर्फी लाल मिश्र,अकबरपुर, कानपुर।
हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।