हर दिन, हर समय, हर क्षण,
तू खुलकर हर चुनौती का सामना कर।
बेखौफ़, बेझिझक होकर,
जीवन के मैदान में डटा रहकर संघर्ष कर।
स्वयं को हर क्षेत्र में
निरंतर विकसित कर।
वीरांगना की राह पर चलने हेतु
स्वयं को सदैव सजग और सक्षम कर।
भले ही अंत में परिणाम कुछ भी हो,
किन्तु अपनी वीरता का लोहा मनवाने के लिए
स्वयं को अटल और सुदृढ़ कर।