अपनी आने वाली मृत्यु को
हर दिन याद किया करो।
जितनी भी ज़िंदगी शेष है,
उसे हँसते-हँसते और खुशी से जिया करो।
जो तुम्हारे पास नहीं है,
उसके बारे में अधिक मत सोचा करो।
जो तुम्हारे पास है,
उसके लिए आभारी रहो और उसी पर
अधिक ध्यान दिया करो।
ज़िंदगी को एक यादगार पल की तरह जिया करो,
और मृत्यु को आने वाले एक स्वप्न की तरह
याद किया करो।
तब तुम सच मायने में
जीवन का महत्व समझ पाओगे।
वरना बिना कुछ समझे और बिना कुछ जाने,
एक दिन इस संसार से चले जाओगे।