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तुझे पाने की चाहत

Ajay Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुझे पाने की चाहत में भूल जाता हूँ ग़म-ए-हयात
        
                                                    
                            
कि दुनिया में मोहब्बत के सिवा रखा ही क्या है
एक महीने पहले
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