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कब तलक तेरी आँखों में रह पाऊँगा

Ajay Kumar Surya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ना जाने किसकी नज़र का शिकार हो गया हूँ मैं,
        
                                                    
                            
कि खुद से ही अब बेगाना सा रहता हूँ।
तुझे भूल पाना मेरे बस में कहाँ,
बस मैं तो तेरी यादों के चिराग दिल में जलाए रखता हूँ।
एक महीने पहले
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Manju Sharma

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