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पुलवामा

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमको अब भी ये कहानी याद है,
        
                                                    
                            
नव-जवानों की जवानी याद है।

मैं ने जो पूछा किसी से, याद है,
वो कहा कुर्बानी, यानी याद है।

आह की आवाज़ सुनकर फ़ौज की,
रुक गया था बहता पानी याद है।

प्रेम का दिन है मगर मैं गम में हूँ,
मुझको पुलवामा जबानी याद है।


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3 वर्ष पहले
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