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मां की ममता का मोल

Aditi Jha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मां तेरी ममता का मोल,
        
                                                    
                            
पता नहीं कैसे चुका पाऊंगी।।
तेरी दिए संस्कारों को,
पता नहीं कैसे सम्भाल पाऊंगी।।
उन संस्कारों के भरोसे,
पता नहीं कैसे तेरा मान बढ़ा पाऊंगी।।
शायद करो कितनी भी कोशिश,
फिर भी तेरे जैसी नहीं बन पाएंगी।।
-अदिति झा "वर्षा "
2 वर्ष पहले
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