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बेटी का प्यार

Abhishek Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घर मे मेरी एक बेटी है, जो मुझको रोज़ बुलाती है।
        
                                                    
                            
मैं रहता दूर शहर में हूँ,
मुझे याद बहुत वो आती है।

जब भी आता है फ़ोन मुझे, बस एक ही बात वो कहती है
"क्या तुमने ट्रेन पकड़ ली है?
और मेरे को भी कुछ ले ली है?"

"क्या कल सुबह तुम आओगे?
और साथ में क्या-क्या लाओगे?
और जब भी तुम अब आओगे,
क्या साथ मुझे ले जाओगे?"

मैं मूक-सी उसकी बातें सुनता,
झूठी बस आस दिलाता हूँ।
"हाँ, कल सुबह मैं आऊँगा,
और साथ तुम्हें ले जाऊँगा।"

सुनकर वो खुश बस होती है।

घर पर मेरी एक बेटी है।
-अभिषेक त्रिपाठी
2 महीने पहले
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