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मुझे अपना बनाकर देख लेना

Abhishek Tiwariz

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझे अपना बनाकर देख लेना
        
                                                    
                            
कभी भी आज़माकर देख लेना,

मिरी खामोशियां गर पढ़ना चाहो,
मुझे दिल में बिठाकर देख लेना

नज़र में प्यार का दरिया मिलेगा,
निगाहें तुम मिलाकर देख लेना

जो टूटे ख़्वाब हैं, फिर से जुड़ेंगे
उन्हें दिल से लगाकर देख लेना

अगर सच्ची वफ़ा की चाह है तो
मुझे अपना बताकर देख लेना

न होगा फ़ासलों का कोई मतलब,
क़दम अपने बढ़ाकर देख लेना

मैं इक ख़ुशबू हूँ बिखरूँगा फ़िज़ा में,
धुआँ मुझको बनाकर देख लेना

जहाँ भी धूप होगी ज़िंदगी में
मुझे साया बनाकर देख लेना

कभी मायूसियों का दौर आए
हँसी होंठों पे लाकर देख लेना

निगाहों में उतर जाऊँगा तेरी
ज़रा पलकें उठाकर देख लेना

मिरी चाहत नहीं बदलेगी हरगिज़
नज़र से भी गिराकर देख लेना

मैं अश्कों को हँसी में ढाल दूँगा
मुझे अपना बनाकर देख लेना

उमीदों को निगल लें गर अंधेरे
चराग़ों को जलाकर देख लेना

मिरी धड़कन में तेरा नाम है बस
तू सीने से लगाकर देख लेना

मिरे हिस्से की खुशियाँ भी तुम्हारी,
कभी हँसकर हँसाकर देख लेना

मिरी फ़ितरत नहीं है छोड़ जाना
मुझे अपना बनाकर देख लेना

न शिकवा हो, न कोई भी शिकायत,
मुझे बस मुस्कराकर देख लेना

मैं हर इल्ज़ाम हँस के सह भी लूँगा,
मुझे अपना बताकर देख लेना

मैं गिरकर भी सँभल जाऊँगा यारो
मुझे ठोकर लगाकर देख लेना

मिरी चाहत इबादत से है बढ़कर
मुझे सजदे में लाकर देख लेना

पलटकर आयेगा गुज़रा ज़माना
मुझे आवाज़ देकर देख लेना

मैं हर मौसम को अपना रंग दूँगा
मुझे गुल में सजाकर देख लेना

नज़र आएँगे रिश्तों के उजाले
मुझे अपना बनाकर देख लेना

मिरे होने की क़ीमत जान लोगे,
मुझे इक दिन गँवाकर देख लेना
 
एक महीने पहले
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