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स्वतंत्रता का सच्चा प्रमाण

Abhishek Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सन् 1947,
        
                                                    
                            
पंद्रह अगस्त की वो शुभ घड़ी आई,
हमारे पूर्वजों के बलिदान से,
हमें आज़ादी मिल पाई।
अन्याय में भी जो डटे रहे,
धर्म का रास्ता रोका था,
गलत के आगे झुकना नहीं,
यही उनका पावन सोच था।
कदम-कदम पर खतरे थे,
पर साहस का वो दौर रहा,
हमारा सावधान रहना ही,
बस आगे बढ़ने का आधार रहा।
हम सब मिलकर आज यहाँ,
एक नया जीवन पाते हैं,
बराबर का अधिकार मिले,
यही नया सवेरा लाते हैं।
मैं एकता का साथ दूँगा,
यही मेरा सच्चा संकल्प रहे,
वही आपको पूर्ण करे,
और देश का गौरव सदा बढ़े।
ज्ञान और संस्कार की राह पर,
हम सबको आगे बढ़ना है,
यही हमारे शिक्षित होने का,
दुनिया को सच्चा प्रमाण देना है।
10 घंटे पहले
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