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साधन  थोड़े  कम  कम थे

Abdul Hameed

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तब  तक  ही  शादाब  रहा
        
                                                    
                            
जब तक  उसमें  आब रहा

काटा   जीवन    गुरबत  में
आदत   का   नायाब   रहा

साधन  थोड़े  कम  कम थे
पर  आँखों  में ख्वाब  रहा

संघर्ष   भरा   कुल  जीवन
गुरबत   में   गरकाब   रहा

लम्बी   दूरी   तय   की  यूँ
थोड़ा   ही   असबाब  रहा
-हमीद कानपुरी
 
2 सप्ताह पहले
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