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जब रिमझिम बरसाना लगता

Abdul Hameed

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब रिमझिम बरसाना लगता
        
                                                    
                            
मंजर    ख़ूब   सुहाना   लगता

आज  सियासी लीडर क्यूँकर
नफ़रत  का   परवाना  लगता

करुण कथा भी  दर्दों ग़म की
जगकोइक अफसाना लगता

आग  लगाने  वाला  घर  को
कुछ  जाना  पहचाना लगता

रफ्ता  रफ्ता  प्रीत  बढ़ी जब
आज नहीं  अनजाना लगता

काम ग़लतसेमिलतायशकब
भारी    सा   जुर्माना   लगता

आँखें  नीची  करना जग को
अक्सर  ही शरमाना  लगता
-हमीद कानपुरी
 
6 दिन पहले
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Sanjai kumar

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