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रफ्ता  रफ्ता  महीन  होना था

Abdul Hameed

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रफ्ता  रफ्ता  महीन  होना था
        
                                                    
                            
आदमी  को  मशीन  होना था

उसको थोड़ा ज़हीन  होना था
उसको मुझपे यक़ीन होना था

वक्त के  संग  था  संवरना  ही
खूब  उर्वर  ज़मीन   होना  था

रब  उसे फिर  सुधारता   कैसे
कल जिसे बद तरीन होना था

हौसला  छोड़ कर  हटा   पीछे
जब  उसे  पुरयक़ीन  होना था
-हमीद कानपुरी
 
3 महीने पहले
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