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आदम का आदमी

आनन्द कुमार मिश्र

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आदमी कभी पैदा नहीं होता
        
                                                    
                            
आदमी बनता है
'आदम' की फैक्ट्री में
अगर इंशा को जने
आदम एवं हव्वा
फिर किसने जना
कौवा
भला किसी कोख का जन्मा
क्यों बनता
लादेन
वह सिर्फ आदमी होता
कोई कैसे रक्त पिपासु होता
अपने भाई का
क्यों टुकड़ों में काटकर
फेंक देता
ख़ून से लतपथ
अपनी बहन को
आखिर क्यों
कोई आदमी उठाता हथियार
वह सबकुछ
बदल देने के लिए
जो उसे मां की कोख से पैदा होते ही मिला था!!
2 वर्ष पहले
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