शराब को बुरी नज़र से देखा जाता है ज़माने में!
जो भी मय-ख़्वार हुए सभी डूब गए पैमाने में!!
कहते हैं पीने वाले तो जवानी में ही मर जाते हैं!
हम ने बूढ़ों को जवान होते देखा है मय-ख़ाने में!!
- आलम-ए-ग़ज़ल परवेज़ अहमद