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दो रंगों में

Aakash Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इक मोहब्बत की ये तस्वीर है दो रंगों में,
        
                                                    
                            
शौक़ सब मेरा है और सारी हया उस की है।

मैं उसे देखूँ तो नज़रें नहीं हटतीं मेरी,
वो नज़र भर के जो देखे, तो अदा उस की है।

मेरे लफ़्ज़ों में मोहब्बत का असर रहता है,
उस के होंठों पे मगर ठहरी हुई हया उस की है।

मैं तो कह दूँ उसे हर बात मोहब्बत की मगर,
मेरे कहने से पहले जो समझे—वो अदा उस की है।

मेरी बेचैन निगाहों में है चाहत मेरी,
उस की ख़ामोश निगाहों में रज़ा उस की है।

मैंने चाहा है उसे टूट के, ये सच है लेकिन,
मेरी चाहत में भी शामिल जो दुआ—उस की है।

मैं जहाँ जाऊँ, उसी का ही ख़याल आता है,
मेरी दुनिया में मगर सबसे हसीं दुनिया उस की है।

इक तरफ़ मेरा जुनूँ, एक तरफ़ उसकी हया,
इश्क़ मेरा है मगर सारी फ़ज़ा उस की है।

मैंने अपना तो समझ लिया उसे दिल से मगर,
इस मोहब्बत में जो सबसे हसीं बात—उस की है।

 
3 घंटे पहले
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Sanjai kumar

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