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आज के टॉप 4 शेर

दीपाली अग्रवाल

Kavya Charcha
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                                                  मुन्सिफ़ हो अगर तुम तो कब इंसाफ़ करोगे 
मुजरिम हैं अगर हम तो सज़ा क्यूँ नहीं देते 
-अहमद फ़राज़
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जहाँ रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा
किसी चराग़ का अपना मकाँ नहीं होता
-वसीम बरेलवी

कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन 
फिर इस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर 
~निदा फ़ाज़ली

बरसात में तालाब तो हो जाते हैं कमज़र्फ़
बाहर कभी आपे से समुंदर नहीं होता
-ऐजाज़ रहमानी 
7 वर्ष पहले
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