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हग डे पर आपके लिए यह 10 शेर... 

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  वैलेंटाइन वीक में हग डे का भी अपना एक अलग मजा है। आज हग डे है। लिहाजा हम अपने पाठकों के लिए यहां आलिंगन और गले लगाने पर 10 बड़े शेर पेश कर रहे हैं।   

बस एक बार किसी ने गले लगाया था
फिर उस के बाद न मैं था न मेरा साया था

तुम्हारी बाहों में हमे जन्नत मिल गई सारी
खुदा से बोलू के अपनी जन्नत अपने पास ही रख
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गुनाहगार भी मेरी हँसी उड़ाने लगे...

मैं लड़खड़ाया तो मुझ को गले लगाने लगे 
गुनाहगार भी मेरी हँसी उड़ाने लगे 

नसीहत-गरो दिल लगाया तो होता 
कभी ख़ंजर-ए-इश्क़ खाया तो होता 

 

कि हम ने गले से लगाया तो होता...

न आते तो ख़ंजर ही वो भेज देते 
कि हम ने गले से लगाया तो होता 

ये ख़ौफ़ है कि रगों में लहू न जम जाए 
तुम्हें गले से लगाया नहीं बहुत दिन से

यहां पे अश्क-ए-मुसलसल गले का हार रहा...

गले में तू ने वहां मोतियों का पहना हार 
यहां पे अश्क-ए-मुसलसल गले का हार रहा 

इतनी शिद्दत से गले मुझ को लगाया हुआ है 
ऐसा लगता है कि वक़्त आख़िरी आया हुआ है 

उसे गले से लगाया लगा के छोड़ दिया...

मैं अपनी जां में उसे जज़्ब किस तरह करता 
उसे गले से लगाया लगा के छोड़ दिया 

सुलग उठे हैं शरारे बदन में क्यूं 'मख़मूर' 
ख़ुनुक हवा ने जो बढ़ कर गले लगाया है
 
8 वर्ष पहले
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