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कर्नाटक में शक्ति परीक्षण और ये 20 बड़े शेर...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में येदियुरप्पा को शनिवार को विधानसभा में शक्ति परीक्षण का आदेश दिया है। भाजपा सरकार सदन में बहुमत साबित करने के लिए पूरी जोर आजमाइश करेगी। वहीं कांग्रेस-जेडीएस भी अपने संख्या बल से सरकार बनाने का अपना दावा पुख्ता करने की कोशिश करेगी। शक्ति परीक्षण के दिन हम आपके लिए काव्य चर्चा के तहत शक्ति, ताकत और हौसले पर कहे गए 20 बड़े शेर पेश कर रहे हैं।

नशेमन पर नशेमन इस क़दर तामीर करता जा
कि बिजली गिरते गिरते आप ख़ुद बे-ज़ार हो जाए
-अज्ञात
 
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उड़ान...

सदा एक ही रुख़ नहीं नाव चलती
चलो तुम उधर को हवा हो जिधर की
-अल्ताफ़ हुसैन हाली

वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से
वो और थे जो हार गए आसमान से
-फ़हीम जोगापुरी

वक्त...

वक़्त आने दे दिखा देंगे तुझे ऐ आसमां
हम अभी से क्यूँ बताएँ क्या हमारे दिल में है
-बिस्मिल अज़ीमाबादी

वक़्त की गर्दिशों का ग़म न करो
हौसले मुश्किलों में पलते हैं
-महफूजुर्रहमान आदिल

यक़ीन...

यक़ीन हो तो कोई रास्ता निकलता है
हवा की ओट लेकर भी चराग़ जलता है
-मंज़ूर हाशमी

जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं
वही दुनिया बदलते जा रहे हैं
-जिगर मुरादाबादी

जिगर...

तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा कर
सरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर
-अमीर मीनाई

तू शाही है परवाज़ है काम तेरा
तिरे सामने आसमाँ और भी हैं
-अल्लामा इक़बाल

आसमान...

उसे गुमाँ है कि मेरी उड़ान कुछ कम है
मुझे यक़ीं है कि ये आसमान कुछ कम है
-नफ़स अम्बालवी

भँवर से लड़ो तुंद लहरों से उलझो
कहाँ तक चलोगे किनारे किनारे
-रज़ा हमदानी  

क़सम...

लोग जिस हाल में मरने की दुआ करते हैं
मैंने उस हाल में जीने की क़सम खाई है
-अमीर क़ज़लबाश

मौजों की सियासत से मायूस न हो 'फ़ानी'
गिर्दाब की हर तह में साहिल नज़र आता है
-फ़ानी बदायूंनी

दीवार...

मेरे टूटे हौसले के पर निकलते देखकर
उस ने दीवारों को अपनी और ऊँचा कर दिया
-आदिल मंसूरी  

अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला
जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा
-महशर बदायूंनी

सफ़र...

अभी से पाँव के छाले न देखो
अभी यारो सफ़र की इब्तिदा है
-एजाज़ रहमानी

अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिल
हम वो नहीं कि जिन को ज़माना बना गया
-जिगर मुरादाबादी

रोशनी...

इन्ही ग़म की घटाओं से ख़ुशी का चाँद निकलेगा
अँधेरी रात के पर्दे में दिन की रौशनी भी है
-अख़्तर शीरानी

इतने मायूस तो हालात नहीं
लोग किस वास्ते घबराए हैं
-जाँ निसार अख़्तर

जलाने वाले जलाते ही हैं चराग़ आख़िर
ये क्या कहा कि हवा तेज़ है ज़माने की
-जमील मज़हरी

साभार-रेख्ता
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