ख़ूब आराइशें भी हैं लेकिन
सादगी सादगी है क्या कहिए
- ताज अहमद ताज
अजब ख़ुलूस अजब सादगी से करता है
दरख़्त नेकी बड़ी ख़ामुशी से करता है
- अतुल अजनबी
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वफ़ा तुझ से ऐ बेवफ़ा चाहता हूँ
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ
- हसरत मोहानी
बनावट हो तो ऐसी हो कि जिस से सादगी टपके
ज़ियादा हो तो असली हुस्न छुप जाता है ज़ेवर से
- सफ़ी लखनवी
पूछते हैं ये शाएरी क्या है
हाए ऐसी भी सादगी क्या है
- ख़ालिद इक़बाल ताइब
सभी अंदाज़-ए-हुस्न प्यारे हैं
हम मगर सादगी के मारे हैं
- जिगर मुरादाबादी
इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं
- मिर्ज़ा ग़ालिब
वो सादगी में भी है अजब दिलकशी लिए
इस वास्ते हम उस की तमन्ना में जी लिए
- जुनैद हज़ीं लारी
हाजत नहीं बनाओ कि ऐ नाज़नीं तुझे
ज़ेवर है सादगी तिरे रुख़्सार के लिए
- हैदर अली आतिश
जबीं पर सादगी नीची निगाहें बात में नरमी
मुख़ातिब कौन कर सकता है तुम को लफ़्ज़-ए-क़ातिल से
- हसरत मोहानी