विज्ञापन

रक्षाबंधन के इन पावन गीतों के साथ मनाएं भाई-बहन का पर्व

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  हमारी धरती त्यौहारों की धरती है। हर महीने कोई ने कोई उत्सव मनाया जाता है। रक्षाबंधन एक बहुत लोकप्रिय त्यौहार है। इसे भाई-बहनों के बीच प्रेम का बंधन माना गया है। इस दिन बहनें भाईयों की कलाई पर राखी बांधेंगी। फ़िल्मों में राखी को लेकर काफी भावुक और लोकप्रिय गीत फ़िल्माए गए हैं। इन गीतों से रक्षाबंधन का पर्व और ख़ुशगवार हो जाता है। काव्य चर्चा में हम आपको रक्षाबंधन के 5 सदाबहार गीतों से रूबरू करा रहे हैं।    
                                                              
                  

                    
                                        
                         
                                                                                   
                            
                         
                                                            
                                
विज्ञापन

भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना...

1959 में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'छोटी बहन' का यह गीत भाई-बहन के रिश्ते मज़ूबत डोर को बयां करता है। सरल ज़बान में गहरे अर्थ लिए इस गीत को गीतकार शैलेंद्र ने क़लमबंद किया है। संगीतकार शंकर-जयकिशन के संगीत से सजे इस गीत को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज़ देकर लाफ़ानी बना दिया है। यह नायाब गीत बलराज साहनी और नंदा पर फ़िल्माया गया है। इस गीत में नंदा अपने भाई यानी बलराज साहनी से राखी के रिश्ते को निभाने को कहती हैं। गीत के बोल हैं...

भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना
भैया मेरे, छोटी बहन को न भुलाना
देखो ये नाता निभाना, निभाना
भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना

ये दिन ये त्योहार खुशी का, पावन जैसे नीर नदी का
भाई के उजले माथे पे, बहन लगाए मंगल टीका
झूमे ये सावन सुहाना, सुहाना
भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना

बांध के हमने रेशम डोरी, तुम से वो उम्मीद है जोड़ी
नाज़ुक है जो दाँत (?) के जैसे, पर जीवन भर जाए न तोड़ी
जाने ये सारा ज़माना, ज़माना
भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना

शायद वो सावन भी आए, जो बहना का रंग न लाए
बहन पराए देश बसी हो, अगर वो तुम तक पहुँच न पाए
याद का दीपक जलाना, जलाना
भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना


यूट्यूब पर मौजूद इस गीत को आप सभी यहां सुन सकते हैं-




 

मेरे भैया मेरे चंदा...

1965 में रिलीज़ हुई फ़िल्म काजल का यह गीत रक्षाबंधन के भाव को पूरी शिद्दत से बयां करता है। साहिर लुधियानवी की क़लम से निकले इस गीत को रवि ने संगीत दिया है और आशा भोंसले की सुरमयी आवाज़ में इसे रिकॉर्ड किया गया। इस गाने में मीना कुमारी अपने भाई को यह गीत गाकर सुना रही हैं। वह भाई को चंदा और अनमोल रतन मानती हैं और भाई के बदले उन्हें जमाने में और कोई चीज़ प्यारी नहीं है। मीना कुमारी एक बेहतरीन अदाकारा हैं और इस गाने में  वे एक प्रेममयी बहन के किरदार में हैं। गीत के बोल हैं - 

मेरे भैया मेरे चंदा
मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं ज़माने की
कोई चीज़ न लूं 

तेरी सांसों की कसम खाके, हवा चलती है
तेरे चहरे की खलक पाके, बहार आती है
एक पल भी मेरी नज़रों से तू जो ओझल हो
हर तरफ़ मेरी नज़र तुझको पुकार आती है 

मेरे भैया मेरे चंदा
मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं ज़माने की
कोई चीज़ न लूं 

तेरे चेहरे की महकती हुई लड़ियों के लिए
अनगिनत फूल उम्मीदों के चुने हैं मैंने
वो भी दिन आएं कि उन ख़्वाबों के ताबीर मिलें
तेरे ख़ातिर जो हसीं ख़्वाब बुने हैं मैंने 

मेरे भैया मेरे चंदा
मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं ज़माने की
कोई चीज़ न लूं 


यूट्यूब पर मौजूद शिमारू के साभार से आप भी इस गीत को यहां सुनिए - 



 

चंदा रे मेरे भईया से कहना...

1979 में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'चंबल की कसम' का यह गीत रक्षाबंधन का लोकप्रिय गीत है। खय्याम के संगीत में साहिर लुधियानवी के लिखे इस गीत को लता मंगेशकर की आवाज़ ने अमर कर दिया है। रक्षाबंधन में इस गीत के साथ भाई की याद बहन के लिए कितनी मार्मिक और भावुक है इसका अंदाज़ा आप इस गीत को सुनकर ही लगा सकते हैं। फ़िल्म में इस गीत में भाई के किरदार में हैं राजकुमार और बहन का रोल निभा रही हैं फरीदा जलाल। मां के रोल में निरूपा राय भी इस गीत में नज़र आती हैं। भाई के प्रति बहन की आशा और उम्मीद इस गीत में बख़ूबी ज़ाहिर होती हैं। गीत के बोल हैं - 

चंदा रे मेरे भईया से कहना
बहना याद करे
चंदा रे मेरे भईया...

क्या बतलाऊं कैसा है वो
बिलकुल तेरे जैसा है वो
तू उसको पहचान ही लेगा
देखेगा तो जान ही लेगा
तू सारे संसार में चमके
हर बस्ती हर गांव में दमके
कहना अब घर वापस आ जा
तू है घर का गहना
बहना याद करे
चंदा रे...

राखी के धागे सब लाएं
कहना अब न राह दिखाएं
मां के नाम की कसमें देना
भेंट मेरी के रसमें देना
पूछना उस रूठे भाई से
भूल हुई क्या मां-जाई से
बहन पराया धन है कहना
उस संग सदा नहीं रहना
बहना याद करे
चंदा रे मेरे भईया...


यूट्यूब पर मौजूद भाई बहन के इस प्यारे गीत को यहां सुनिए -

बहना ने भाई की कलाई से...

1974 में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'रेशम की डोरी' में भाई धर्मेंद्र की कलाई में राखी बांधते बहन ने यह बेहतरीन नग़मा गाया है। शैलेंद्र की कलम से निकले इस गीत को शंकर-जयकिशन ने अपने संगीत से सजाया और सुमन कल्याणपुर ने अपनी आवाज़ देकर इस गीत को अमर बना दिया। गीत में धर्मेंद्र बहन के साथ बहुत भावुक नज़र आ रहे हैं। कुछ पंक्तियां तो बेहद भावुक अंदाज में रक्षाबंधन पर्व के महत्व को समझाती हैं। बहन अपने भाई से कहती है कि रेशम की एक डोर से पूरे संसार को बांध दिया है। इस गाने में बहन भाई से कहती है कि परिस्थितयां भले ही उन्हें दूर कर दे लेकिन मन से वे कभी दूर नहीं हो सकते। बहन अपने भैया की तुलना करते हुए कहती है कि उसके जैसा इस संसार में दूसरा कोई नहीं है। राखी के इस सदाबहार गाने के बोल हैं-  

बहना ने भाई की कलाई से
बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है 
प्यार के दो तार से, संसार बांधा है
रेशम की डोरी से... 
रेशम की डोरी से संसार बांधा है 

सुंदरता में जो कन्हैया है
ममता में यशोदा मैया है
वो और नहीं दूजा कोई
वो तो मेरा राजा भैया है
बहना ने भाई...

मेरा फूल है तू, तल्वार है तू
मेरी लाज का पहरेदार है तू
मैं अकेली कहां इस दुनिया में
मेरा सारा संसार है तू
बहना ने भाई...

हमें दूर भले किस्मत कर दे
अपने मन से न जुदा करना
सावन के पावन दिन भैया
बहना को याद किया करना
बहना ने भाई...


यूट्यूब पर मौजूद अल्ट्रा के सौजन्य से भाई-बहन के प्यार को बयां करते इस गीत को यहां सुनिए - 


 

ये राखी बंधन है ऐसा...

ये राखी बंधन है ऐसा...

1972 में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'बेईमान' के इस गीत के बिना रक्षाबंधन का त्यौहार अधूरा सा लगता है। मुकेश की बेहतरीन आवाज़ में यह गीत हर दिल अज़ीज़ होगा। वर्मा मलिक के लिखे इस गीत के बोल भावुक रिश्ते को बख़ूबी बयां करते हैं। शंकर-जयकिशन ने इसमें संगीत दिया है। लता मंगेशकर ने भी इसमें अपनी आवाज़ दी है। फ़िल्म में मनोज कुमार और नजीमा पर यह गीत फ़िल्माया गया है। बहन और भाई के प्यार और बंधन की तुलना चंदा, बादल, धरती और आकाश से की गई है यानि दुनिया में जब तक ये चीज़ें मौजूद रहेंगी भाई और बहन का प्यार मौजूद रहेगा। गीत के बोल हैं, 

ये राखी बंधन है ऐसा...
ये राखी बंधन है ऐसा...
जैसे चंदा और किरण का
जैसे बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का
ये राखी बंधन है ऐसा...

दुनिया की जितनी बहनें हैं
उन सबकी श्रद्धा है इसमें
है धरम करम भैया का ये
बहना की रक्षा इसमें है
जैसे सुभद्रा और किशन का
जैसे बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का
ये राखी बंधन...

आज खुशी के दिन भाई के
भर-भर आए नैना
कदर बहन की उनसे पूछो
जिनकी नहीं है बहना
मोल नहीं कोई इस बंधन का
जैसे बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का


ये राखी बंधन है ऐसा...

यूट्यूब पर मौजूद इस गीत को यहां सुन सकते हैं- 

8 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Shivam Awasthi

3 कविताएं

View Profile