गीतकार गुलजार के गीतों के बहुत प्रशंसक मिल जाएंगे। उनके सीधे शब्दों के सरल गीत एहसासों का बहुत गहरा दर्द अपने में गुंथे हुए हैं। हिंदी फिल्मी दुनिया इन्हीं गीतों की वजह से गुलजार है। गुलजार के गीतों और संवाद का स्तर काफी आला दर्जे का है। फिल्म फेयर अवार्ड में गुलजार ने हमेशा बेहतर प्रदर्शन किया है। फिल्म संवाद हो या गीत हो या कहानी हो सभी में गुलजार ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस स्लाइड में हम गुलजार और उनके फिल्मफेयर अवार्ड में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन पर बात करेंगे।
गुलजार के नाम सबसे ज्यादा फिल्मफेयर अवार्ड
गुलजार हिंदी सिनेमा में ऐसी हस्ती हैं, जिनके नाम सबसे ज्यादा फिल्म फेयर अवार्ड दर्ज है। गुलजार ने कुल 20 फिल्मफेयर अवार्ड जीते हैं। इनके बाद संगीतकार रहमान का नंबर आता है। रहमान ने 15 फिल्मफेयर अवार्ड जीते हैं। गुलजार को श्रेष्ठ संवाद के लिए 4, श्रेष्ठ गीतों के लिए 11, एक बार श्रेष्ठ निर्देशक, एक बार बेस्ट डॉक्यूमेंट्री, श्रेष्ठ कहानी 1, बेस्ट मूवी क्रिटिक्स अवार्ड 1 तथा 1 लाइफ टाइम एचीवमेंट फिल्मफेयर अवार्ड मिला है।
गुलजार के इन गीतों ने फिल्मफेयर अवार्ड में मचाई है धूम
गुलजार एक गीतकार हैं। सुनहरे गीत उनकी पहचान हैं। गुलजार ने 11 बार श्रेष्ठ गीतों के लिए फिल्मफेयर अवार्ड जीता है। इनमें कुछ गीत इस प्रकार हैं। 1978 में आई घरौंदा फिल्म का दो दीवाने शहर में गीत ने गुलजार को अवार्ड दिलाया था। इसके बाद 1980 में गोलमाल फिल्म का आने वाला पल जाने वाला है गीत ने वाहवाही बटोरी। इसके अलावा 1981 में थोड़ी सी बेवफाई फिल्म का हजार राहें मुड़ के देखी कहीं भी कोई सदा नहीं आई ने धूम मचाया था।
गुलजार का तुझसे नाराज गीत हमेशा लोगों को देता रहेगा सुकून
1984 में विवाहोत्तर संबंध को लेकर मासूम फिल्म रिलीज हुई थी। इस फिल्म का गीत तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान हूं मैं...गम की घड़ी में लोगों को ढेर सारा हिम्मत देता रहेगा। इस गीत के लिए भी गुलजार को अवार्ड मिला। 1992 में रिलीज फिल्म लेकिन का यारा सीली सीली गीत भी फिल्मफेयर अवार्ड जीता। इस गीत ने भी गुलजार के अंदाज को सबके सामने रखा।
8 वर्ष पहले