अमिताभ बच्चन आज अपना 76 वां जन्मदिन मना रहे हैं। हिंदी फिल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1942 को हुआ था। अमिताभ को एंग्रीयंग मैन की इमेज ने अपार सफलता दी लेकिन रोमांटिक छवि में भी उन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी। जन्मदिन पर उनकी फिल्मों के कुछ लोकप्रिय रोमांटिक नग़में आप भी सुनिए।
देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए...
फिल्म-सिलसिला 1982, गीतकार-जावेद अख्तर, संगीतकार-शिव हरि
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाहों में हैं गुल खिले हुए
ये ग़िला है आप की निगाहों में
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
देखा एक ...
मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी
ये तेरे प्यार की है जादुगरी
तेरी आवाज़ है हवाओं में
प्यार का रँग है फ़िज़ाओं में
धड़कनों में तेरे गीत हैं खिले हुए
क्या कहूँ के शर्म से हैं लब सिले हुए
देखा एक ख़्वाब ...
मेरा दिल है तेरी पनाहों में
अब छुपा लूँ मैं तुझे बाहों में
तेरी तस्वीर है निगाहों में
दूर तक रोशनी है राहों में
कल अगर न रोशनी के काफ़िले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
देखा एक ख़्वाब ...
दिलबर मेरे कब तक मुझे ऐसे ही तड़पाओगे...
फिल्म: सत्ते पे सत्ता1982, गीतकार-आनंद बक्षी, संगीतकार-राहुल देव बर्मन
किशोर:
दिल्बर मेरे कब तक मुझे, ऐसे ही तड़पाओगे
मैं आग दिल में लगा दूँगा वो, के पल में पिघल जाओगे
एक दिन आयेगा, प्यार हो जायेगा
(सोचोगी जब मेरे बारे में तनहाइयों में
घिर जाओगी और भी मेरी पर्छाइयों में)
हो, होश खो जायेगा, प्यार हो जायेगा
दिल्बर मेरे ...
अनेट्ट:
ला ला ला
किशोर:
(दिल से मिलेगा जो दिल तो महकने लगोगे
तुम मेरी बाहों में आके बहकने लगोगे)
हो, दिल मचल जायेगा, प्यार हो जायेगा
दिल्बर मेरे ...
अरे जाने कैसे कब कहां इकरार हो गया...
फिल्म-शक्ति 1982...गीतकार: आनंद बक्षी, गायक: लता-किशोर, संगीतकार: राहुल देव बर्मन
जाने कैसे कब कहाँ इक़रार हो गया
हम सोचते ही रह गए और प्यार हो गया
गुलशन बनीं गलियाँ सभी
फूल बन गए कलियाँ सभी
लगता है मेरा सेहरा तय्यार हो गया
हम सोचते ...
तुमने हमे बेबस किया
दिल ने हमे धोखा दिया
उफ़ तौबा जीना कितना दुश्वार हो गया
हम सोचते ...
हम चुप रहे कुछ न कहा
कहने को क्या बाक़ी रहा
बस आँखों ही आँखों में इक़रार हो गया
तुम साथ हो जब अपने दुनिया को ये दिखा देंगे...
तुम साथ हो जब अपने, दुनिया को दिखा देंगे
हम मौत को जीने के, अंदाज़ सिखा देंगे...
हम तो हैं दिल वाले, खंजर से नहीं डरते
अरे, हम तो हैं दिल वाले, खंजर से नहीं डरते
हम ज़ुल्फ़ों के कैदी हैं, सूली से नहीं मरते
सूली को भी ज़ुल्फ़ों की, ज़ंजीर बना देंगे
तुम साथ हो जब अपने...
ऐ अहल-ए-जहां तुम को, नफ़रत की है बीमारी
बरसाया करो शोले, फेंका करो चिंगारी
हम प्यार की शबनम से, हर आग बुझा देंगे
तुम साथ हो जब अपने...
माना के अंधेरों के, गहरे हैं बहुत साये
पर दर है यहां किसको, आती है तो रात आए
हम रात की सीने में, इक शम्मा जला देंगे
तुम साथ हो जब अपने...
अपने प्यार के सपने सच हुए...
फिल्म-बरसात की एक रात 1981, गीतकार: आनंद बक्षी, गायक: लता-किशोर, संगीतकार: राहुल देव बर्मन...
अपने प्यार के सपने सच हुए
होंठों पे गीतों के फूल खिल गए
सारी दुनियाँ छोड़ के मन मीत मिल गए
अपने प्यार के...
अपने प्यार के सपने सच हुए
पल भर को मिले जो अंखियाँ
देखूँ मैं सुनी हैं जो बतियाँ
पढ़ लूँ मैं तोरे नैनों की पतियाँ
बिना देखे तुम देखो मेरी आँखों से
अपने प्यार के ...
अपने प्यार के ...
काँटों से भरी थी जो गलियाँ
उन में खिली हैं अब कलियाँ
झूमो नाचो मनाओ रंगरेलियाँ
चलो सजना कहें चलके सारे लोगों से
अपने प्यार के...
अब जब मिले जीवन ओ सजना
तुम ही मुझे पहनाओ कंगना
तेरी डोली रुके मेरे अंगना
मेरा घुंघटा तुम खोलो अपने हाथों से
अपने प्यार के सपने सच हुए
होंठों पे गीतों के फूल खिल गए
सारी दुनिया छोड़ के मन मीत मिल गए
अपने प्यार के...
7 वर्ष पहले