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आज़ादी स्पेशल: ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आंख में भर लो पानी...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                            देश प्रेम और देश के लिए कुछ कर गुज़रने का जज़्बा हर नागरिक में होता है। हिंदी सिनेमा ने भी इस मोहब्बत और जज़्बे को बख़ूबी अभिव्यक्त किया है। आज भी देशभक्ति के कई ऐसे गाने हैं जो लोकप्रिय हैं। बदलते वक़्त के साथ इनकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा ही हुआ है। कुछ ऐसे बेशक़ीमती गीत  है जो हर नागरिक को वतन के प्रति अपनी मोहब्बत का इज़हार करने के लिए अल्फ़ाज़ देते हैं।आज आज़ादी स्पेशल में पेश है लोकप्रिय देशभक्ति गीत 'ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आंख में भर लो पानी...।'
        
                                                    
                            

'ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आंख में भर लो पानी' जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़र्बानी' यह मशहूर देशभक्ति गीत कवि प्रदीप ने लिखा था। इस गीत को संगीत से सजाया था सी.रामचंद्रा ने। वहीं, लता मंगेशकर ने अपनी दिलकश आवाज़ा से इस गीत को लाफ़ानी बना दिया है। इस गीत में 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान मारे गए सैनिकों को याद किया गया है। लता मंगेशकर ने इस गीत को पहली बार 27 जनवरी 1963 को नई दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में गया था। उस दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
ऐ मेरे वतन के लोगों
तुम ख़ूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर
वीरों ने है प्राण गंवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो 
जो लौट के घर न आये 

ऐ मेरे वतन के लोगों 
ज़रा आंख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी
    
जब घायल हुआ हिमालय
ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी सांस लड़े वो
फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा 
सो गये अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी

जब देश में थी दीवाली
वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में
वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो आपने
थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी

कोई सिख कोई जाट मराठा
कोई गुरखा कोई मदरासी
सरहद पर मरनेवाला 
हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पवर्अत पर
वो खून था हिंदुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी

थी खून से लथ पथ काया
फिर बंदूक उठाके
दस दस को एक ने मारा
फिर गिर गये होश गंवा के
जब अन्त -समय आया तो
कह गये के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों
अब हम तो सफ़र करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने
क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी
    
तुम भूल न जाओ उनको
इस लिये कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी

जय हिंद... 

यूट्यूब पर मौजूद इस गीत को यहां सुनें -
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