विज्ञापन

Rakesh Dhar Dwivedi Poetry: तेरी यादें, तेरी बातें

काव्य डेस्क

Kavita
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            तेरी यादें, तेरी बातें ही 
        
                                                    
                            
अब मेरा ठिकाना है,
तुझको नजरों में बसाया 
और दिल में उतारा है।

तेरी यादों के लश्कर 
जब ख्वाबों से गुजरे,
मैंने ख्वाबों में ही तुझको 
गले से लगाया है।

कैसे जीते हैं ये न पूछ
तेरी मौजूदगी के बगैर 
तेरी यादों के सहारे ही 
दिन गुजारे हैं। 

इस दुनिया में है सब फानी 
तेरी आंखों के सिवा, 
जिसमें मुझको उतरना 
और डूब जाना है।

हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।

लिंक पर क्लिक करें और जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से 

https://whatsapp.com/channel/0029VaXoA27A89Mp96alfc2o 





 
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Adv DK Kanojiya

71 कविताएं

View Profile